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#106 |
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Certified FSI Member
Join Date: Jul 2007
Location: Bangalore
Posts: 274
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femaleworship thanks for your reply. Enjoy the today's update
लगता है मेरे बेटे को अपनी दुल्हन बह्त पंसद आयी तेरे लंड को और तेरी हरकतो को देख कर तो यही लगता है। हाँ माँ तुम्को इस रूप मे देख कर तो मैं वासना मैं पागल हुये जा रहा हूँ मैं भी बहुत खुश हूँ बेटा सच कहूँ तो आज वर्षो बाद मुझे बहुत मजा आ रहा है। मुझे भी बडा मजा आ रहा है मैंने कहा। आज हमारी सुहाग रात है मेरे लाल तू अपनी दुल्हन को क्या तोहफा देगा। पहली रात को तो पत्नी को तोहफा देने के रस्म है बोल तू क्या देगा। तू अपनी इस सुंदर मस्तानी दुल्हन को क्या देगा आज रात तोहफे में। जो तुम माँगो माँ मैं वोह देने के लिये तैयार हूँ। तुम्हारे जैसी औरत तो किसी किसी को ही मिलती है। सोच ले फिर बोले की नही दे सकता तेरी माँ कुछ भी माँग सकती है। मैंने कहा तुम माँगो माँ मैं तुम्को जरुर दूँगा। ठीक है तू कहती है तो माँग लेती। मुझे एक ऐसी चीज चाहिये जिसे पाने का मन मेरा कई सालो से है और मुझे लगता है कि मेरा ये प्यारा मादरचोद बेटा मुझे ये दे सकता है। तो बताओ माँ वोह क्या है। मुझे सुहाग रात के तोहफे मे तेरी जिदंगी भर की गुलामी चाहिये। मैं चाहती हूँ की तू जिंदगी भर के लिये मेरा गुलाम बन कर रहे मेरे साथ। जो मैं कहूँ वही करे। तू मेरी खुशी और मेरी मुँह से निकली बात को पूरा करने के लिये जिये। बोल दे सकता है ये तोहफा। मैं रीमा के तरफ देख कर मुस्कुराया रीमा कि बात सुनकर मेरा लंड भी मस्ती मे फनफना गया। वैसे तो ये मेरा भी सपना था न जाने कितनी कहानियो मे पढा था इसके बारे में और रीमा आज वही मुझसे माँग रही थी या ये कहूँ वह इस इच्छा में मेरी इच्छा पूरी कर रही थी। मैंने रीमा को ये तोहफा देने का फैसला किया और बोला हाँ माँ मैं तुम्हारा गुलाम बनने को तैयार हूँ मैं तो खुद ही ये तुमसे कहने वाला था कि ये मेरी दिली इच्छा है। पर तुम्ने तो मेरा काम इतना आसान कर दिया। ठीक है जब तू भी यही चाहाता है तो आज से तू मेरा गुलाम हुआ समझ गया। जी माँ बिल्कुल समझ गया। चल अब मैं अपने गुलाम से क्या चाहाती ये सब बाकी बात बाद मैं आज मेरी मेरे बेटे के साथ सुहाग रात है और मुझे उसका मजा लेना है। रीमा और मैं आमने सामने खडे थे। रीमा झुकी और सबसे पहले मेरे पैर छुये मैंने कहा ये क्या कर रही हो माँ। अपने पति के पैर छू रही हूँ ये तो मेरा हक है। चलो मुझे आर्शीवाद दो। खुब लंड मिले तुम्को चुदवाने के लिये और तुम्को कभी भी लंडो की कमी न हो। बडा ही अच्छा आर्शीवाद दिया तुमने। फिर रीमा के मेरे लंड को हल्के से चूमा और बोली लो पतिदेव आपकी दासी तैयार है आपके लिये जैसे चाहे वैसे मसलिये अपनी दुल्हन को। माँ दासी तुम नंही मैं तुम्हारा दास हूँ हाँ मुझे पता है पर सुहाग रात को अगर पत्नी दासी न बने तो पति को उम्र भर के लिये दास कैसे बनायेगी बोल । माँ की बात को समझते हुये मैंने सर हिला दिया। मैंने रीमा के माथे का चुम्बन लिया और उसको अपनी बाँहो मे भर लिया। उसकी बडी बडी चूचीयाँ मेरी छाती मे धंस गयी। मैंने एक हाथ उसकी पीठ पर रखा और दुसरे हाथ को उसके चूतडो पर फिराने लगा। और उसकी गर्दन पर अपनी सांसो के गर्मी फेकने लगा। उसकी कमर को अपने हाथ मे लेकर मसलने के कोशीश करने लगा। रीमा ने भी अपनी बाँहो को मेरी पीठ पर चलाना शुरु कर दिया। रीमा का गर्म बदन मेरे बदन से चिपक गया था जो मुझे अच्छा लग रहा था। मैंने अपना एक पैर उपर उठाया और उसकी जाँघ पर रगडने लगा। मैं इन सब हरकतो से रीमा के बदन की गर्मी बढा देना चाहाता था। मैंने रीमा की गर्दन पर चुम्बन लेने लगा और उसे कस के अपनी बाँहो मे जकड लिया। उसकी चूचीयाँ पूरी तरह से मेरे सीने मे दब गयी। रीमा ने अपने हाथ मेरी पीठ पर रखे और मुझे कसके अपनी और खीचने लगी। जैसे वह मुझमे समा जाना चाहाती हो। हम दोनो के बदन वासाना की आग से जल रहे थे। मैंने एक हाथ से रीमा का चेहरा उठाया और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिया और उनको चूमने लगा। वह भी पूरी मस्ती मे मेरे होंठो को चूमे जा रही थी। मैंने उसके निचले होंठ को अपने होंठो मे लेकर चूम रहा था और वह मेरे उपरी होंठ को। उसके होंठो से मैं उसकी लिप्सटिक का स्वाद मेरे मुँह मे आ रहा था। उसकी सारी लिप्सटिक मेरे चूमने से खराब हो गयी थी और मेरे होंठो पर भी लग गयी थी। हम लोग मस्ती मे पूरी तन्लीन होकर एक दूसरे के होंठो को चूम रहे थे। मैं रीमा के रसीले होंठो का सारा रस पी जाना चाहाता था। इसलिये काफी जोर से उसके होंठो के चूस रहा था हमारी आँखे मस्ती मे पूरी तरह से बंद थी। मेरा लंड रीमा की चूत के उपर रगड खा रहा था। रीमा भी अपने चूतड धीरे धीरे हिला रही थी जिसकी वजह से लंड कभी उसकी झाँटो से टकराता तो कभी उसकी चिकनी जाँघो से मेरे लंड पर मस्ती की कुछ बूंदे निकल आयी थी जो रीमा की जाँघो को गीला कर रही थी और मुझे अब इस सब मे मजा आने लगा था। फिर मैंने रीमा की कमर को अपने हाथो मे पकडा और उसकी गर्दन और सीने पर चुम्बन लेने लगा। साथ ही साथ उसकी कमर को अपने हाथो से कस कस मसल रहा था। रीमा की सांसे गर्म हो रही थी। रीमा भी मेरी कंधे पर चुम्बन लेने लगी। अब हम दोनो का ही खडे रहना मुशकिल हो रहा था। मैंने रीमा के बेड पर बिठा दिया और झुक कर उसकी चूचीयो के चुम्बन लेने लगा। रीमा एक दम नयी नवेली दुल्हन के तरह शर्माते हुये मुझे सब कुछ करने दे रही थी। मैंने उसकी दोनो चूचीयो का चुम्बन लिया और उसकी घुंडियो का भी चुम्बन लिया। और उसकी चूचीयो पर चुम्बन के बौछार कर दी। रीमा की चूची के एक एक इंच को मैंने चूमा रीमा के मुँह से अब हल्की सिसकियाँ आनी शुरु हो गयी थी। उसकी चूत अब गर्म होने लगी थी जिसका अहसास मैं अपनी जाँघो पर कर सकता था जो मैंने उसकी चूत पर रख रखी थी। फिर से मैंने उसके होंठ को एक चुम्बन लेकर उसके जेवर गले का हार उतारने के कोशिश करने लगा। ये क्या कर रहो हो बेटा मेरे शरीर से एक भी चीज अलग नही करनी। और मुझे इस रूप मे देख कर तेरा लंड ऐसे ही मस्त डंडे के तरह रहेगा और ऐसा लंड से मजा लेने मे मुझे भी अच्छा लगेगा। मैं जैसी हूँ ऐसे ही मुझको प्यार करना पडेगा। समझे पति देव। और कोई भी औरत सुहाग रात के दिन बैठा हुया लंड देखना पंसद नंही करती समझा। ठीक है मेरी जाने मन ऐसा ही करूंगा। मैं फिर से रीमा के बदन का चुम्बन लेने मैं जुट गया। और फिर से उसकी चूचीयो का चुम्बन लेने लगा। उसकी घुंडियाँ एक दम कडी हो गयी थी। मैंने उसकी बाँयी घुंडी को मुँह मे पकड कर चूसने लगा। और दाँयी घुंडी हो अपने अंगूठे और उंगली मैं पकड कर मसलने लगा। आह ये क्या कर है आप मेरे सारे बदन मैं कुछ कुछ हो रहा है। रीमा पूरी एक नयी नवेली दुल्हन के तरह व्यहार कर रही थी। जैसे वह अनचुदी सेक्स से अंजान नारी हो। और उसे पता ही न हो कि चूची मसलवाने से क्या होता है पर उसका ऐसा करना मेरी मस्ती को बढा रहा था। |
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#107 |
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Hyper Poster
Join Date: Apr 2008
Posts: 1,705
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Very nice, after the suhaag raat, the fun will start...
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#108 |
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Certified FSI Member
Join Date: Jul 2007
Location: Bangalore
Posts: 274
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thanks femaleworship for you reply enjoy the today's update
कुछ नंही मेरी जान तुम्हारी चूचीयो से खेल रहा हूँ और वही कर रहा हो जो सुहाग रात मे एक मर्द को अपनी औरत के साथ करना चाहिये। अच्छा आज तक मैं इतने मर्दो से चुदा चुकी हूँ पर आज ये मेरी पहली सुहाग रात है इसलिये मुझे यह पता नंही मेरे जानू। वैसे मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अपकी जो मर्जी हो वह करीये मेरे पति देव। फिर मैं जोर जोर से उसकी चूची पीने लगा और दूसरी चूची को अपने हाथ मे पकड कर कस कर मसलने लगा। मैं उसकी चूची को बडी बेदर्दी से मसल रहा था। रीमा को दर्द हो रहा था पर उसे बेदर्दी से चूची मसलवाने मे मजा आता था तो इसका असर उसकी चूत पर भी हो रहा था। मैंने जम कर उसकी चूची का रस पिया और फिर दूसरी चूची पर चढ बैठा। और उसका भी हाल पहले जैसा कर दिया। फिर उसकी चूचीयो को निहारने लगा। मेरे मसलने से लाल हो चूकी चूचीयाँ मेरे थूक से गीली बडी ही सुंदर लग रही थी। मैंने अपनी जीभ निकाल कर एक बार फिर उसकी चूचीयो को चाट लिया। अब उसकी चूची अच्छे से मसली जा चुकी थी। फिर मैंने उसके पेट पर चुम्बन लेना शुरु कर दिया। उसके पेट का चुम्बन लेता फिर उसको चाटता। मुझे उसके बदन को चाटना बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैं फिर से उसको अपने थूक से नहला देना चाहाता था। फिर मैंने उसकी गहरी खायी जैसी नाभी को चूमना शुरु कर दिया। पहले उसकी नाभी का चुम्बन लिया और फिर जीभ से उसकी नाभी के चारो और चाटना शुरु कर दिया। अपनी जीभ उसकी नाभी मैं घुसा दी और उसकी नाभी अपनी जीभ से कुरेदने लगा। रीमा ने मेरा सर अपने हाथो मे पकड लिया। वह मस्ती मै भर चुकी थी और जोर जोर से करहा रही थी। मैं अपनी जीभ से लार उसकी नाभी मे टपकाता और फिर चाट कर पी जाता। मैं अपना एक हाथ उसकी चूत पर ले गया और बडे प्यार से उसकी चूत पर हाथ फिराने लगा। उसकी चूत गीली हो रही थी। बिच मे मैं कस के उसकी चूत मसल देता था। मैं काफी देर तक उसकी नाभी चूमता और चूसता रहा फिर मैंने उसकी नाभी चाटना छोड कर उसकी उसकी झाटो को चूमने लगा। झाट चूम कर मैंने अपनी नाक उसकी चूत के उपर रख कर सूंघने लगा। उसकी चूत की महक मुझे पागल कर रही थी। मैं गहरी गहरी साँस लेकर उसकी चूत सूंघने लगा। अच्छी तरह से उसकी चूत सूंघने के बाद मैंने उसके जाँध पर चुम्बनो की बौछार कर दी और अच्छे से उसकी गोरी मोटी जाँघे चूमने के बाद मैने उसकी टांगो और पैरो की और रुख किया टाँगो को अच्छे से चूमन्ते के बाद उसके पैरो का चुम्बन लिया। अब मेरी नजर उसकी हायी हील के सैंडल पर गयी। जो मुझे उसके पैरो मे बहुत अच्छी लग रही थी। मैंने उसकी हील को चूमना शुरु कर दिया। उसकी सैंडल के एक एक हिस्से को चूमा पैरो के उपर हील बगल मैं यहाँ तक की हील के तलवो को भी। फिर अपनी जीभ निकाल कर उसकी हील चाटने लगा। रीमा बडी वासना भरी नजरो से मेरे को सैंडल चाटते हुये देख रही थी। उसने अपनी घुंडियाँ अपने हाथो मे पकडी हुयी थी और उनको जोर जोर से मसल रही थी और खुद अपने पैर घुमा कर अपनी सैंडल चटवा रही थी। कभी अपनी सैडल उपर से चटवाती तो कभी नीचे से तो कभी हील चटवाती। मैं भी बहुत प्यार से उसकी हील को मस्त चाट रहा था। एक हील चाटने के बाद मैंने उसकी दूसरी हील को चाटना शुरु कर दिया। और रीमा ने उस हील को भी पूरा मस्त हो कर चटवाया। दोनो हील चाटने के बाद मैं अपना लंड रीमा की हील पर रगडने लगा। मुझे अपना लंड उसकी हील मे रगडने मे बहुत मजा आ रहा था। उसकी सैडल के चमडे पर हील पर और उसके पैरो पर मैं अपना लंड रगड रहा था। मैंने उसके दोनो पैरो पर अपना लंड रगडा और उसके पैरो को गीला कर दिया अपने लंड के प्रीकम से। और फिर खुद ही अपने लंड के माल लगे पैरो को चाट कर साफ किया। उसके पैर चाट कर मुझे बहुत मजा आया। फिर मैंने रीमा से कहा माँ अब तुम पलट कर लेट जाओ अब मैं तुम्हारी पीठ और पीछवाडे का मजा लूंगा। ओह पीछवाडे के साथ क्या करेंगे जी मैं तो आपकी हरकतो से पागल हुये जा रही हूँ आप पता नंही क्या कया कर रहें हैं मेरे साथ रीमा अनजान सी बन कर मेरी मस्ती बढा रही थी। रीमा पलट कर पेट के बल लेट गयी उसकी पीठ और और उसके चूतड अब मेरे सामने थे। मैंने उसको निहारते हुये एक हाथ उसकी पीठ पर फेरने लगा और एक हाथ से अपना लंड पकड कर सहलाने लगा। कुछ नंही जाने मन तुम्हारा ये पति तुम्हारे पीछवाडे के साथ थोडी देर खेलेगा और मजा लेगा। मैं उसकी पीठ पर हाथ फेरता उसके चूतड मसलता, उसकी जाँघे मसलता और कुल्हे मसलते हुये अपने लंड को हिला कर मजा ले रहा था। उसकी चूतडो की दरार मैं हाथ डाल कर उसकी गाँड को भी मैं कुरेदा। रीमा अपने चूतड हिला कर अपनी खुशी का इजहार कर रही थी। उसकी चूत अब पूरी गीली हो चूकी थी और और उसकी चूत का पानी रिस कर चादर पर गिर रहा था। फिर मैंने अपने दोनो हाथो से उसके चूतड पकड कर मसलने शुरु कर दिये। मैं पूरी ताकत के साथ उसके चूतड मसल रहा था। और रीमा दर्द और मस्ती मे करहा रही थी। फिर मैं उसके बगल मे लेट गया और उसकी एक चूतड दबाते हुये उसकी गर्दन को चूमने लगा। कभी उसकी गर्दन चूमता तो कभी उसकी पीठ। और अपना एक पैर उसकी जाँघ पर रगड रहा था। रीमा मेरी हरकतो से पागल हो रही थी और बस करहा रही थी। बोल कुछ भी नंही रही थी। मैं उसके चूतडो के साथ बडी बेदर्दी से व्यहार कर रहा था। फिर मैंने उसके कान मे अपनी जीभ डाल कर घुमाने लगा। ओह ये क्या कर रहें है आप मेरी जान निकाल कर दम लेंगें क्या। रीमा मुझे एक पति की तरह सम्बोधित कर रही थी। नही जाने मन जाने मन मैं तो बस प्यार कर रहा हूँ तुम्को और प्यार करने से जान थोडी निकलती है। फिर मैं रीमा के उपर चढ गया और उसकी गर्दन को चूमते हुये अपना लंड उसके चूतडो पर रगडने लगा। लंड रगडने से मैं थोडा उत्तेजित हो गया और रीमा के गर्दन पर कस कर काट लिया। जो जोर से चिल्ला पडी हाय रे क्या करते हो जी खा जाओगे क्या। हाँ मेरी रानी तुम हो ही इतनी सुंदर मन करता है कि तुम्को खा जाऊं। मैंने बडी जोर से काटा था मेरे काटने का निशान रीमा की गर्दन पर पड गया। अब मुझसे बिल्कुल भी नंही रहा जा रहा था। मैं उठ कर उसके चूतडो के पास बैठ गया और उनको चूमने लगा। पूरे चूतडो को चूमने बाद मैंन उसको चाटना शुरु कर दिया। कभी चूमता तो कभी चाटता। हाय जी ये क्या कर रहो हो आप मुझे गुदगुदी होती है। चूतड भी कोई चाटता है क्या। हाँ मेरी जान चूतड ही तो चाटने की ही चीज हैं। इसको चाटने से ही तो जन्नत का मजा मिलता है मर्दो को और हर औरत अपने मर्द हो अपने चूतड चटवाने के सपने देखती है। रीमा बिल्कुल अनछुयी अनचुदी नयी नवेली दुलहन की तरह बात कर रही थी। और मैं भी उसका इसमे साथ दे रहा था। वह ऐसा मेरी मस्ती बढाने के लिये कर रही थी और मुझे भी इसमे मजा आ रहा था। अब तो मैं जम कर उसके चूतडो पर पिल पडा और उसके चूतड चाट कर पूरे गीले कर दिये उसने पैन्टी पहनी हुयी थी और मैंने चाट कर उसकी पैंटी भी गीली कर दी। फिर उसके चूतड खोल कर उसके बीच भी मैंने जम कर चाटा पर गाँड पर मैंने सिर्फ चूमा चाटा नंही। मैंने चूतड से खेल कर कुछ ज्यादा मस्ती मैं आ गया और मैंने उसके चूतड को कस कर काट लिया। हाय रे मार डाला रे। रीमा बहुत जोर से चिल्ला उठी इस बार मैंने और भी जोर से काटा था। रीमा दर्द से एक दम बिलबिला उठी थी। आप तो आज मेरे मरण दिन मनाने के मूड मे हैं लगता। अपनी नयी नवेली दुल्हन के साथ थोडा तो रहम करो मेरी पति देव मुझे पता है मेरा रंग रूप और बदन देख कर आप अपने आपे में नही है पर कुछ तो रहम करेगी जी मैं आपको कुछ करने से रोक तो नंही रही हूँ जी पर थोडा प्यार से करीये न मुझे लगती है रीमा मेरी मस्ती बढाने के लिये बोली। हाय क्या करुं रानी मेरा लंड मुझ पर बहुत हावी हो रहा है और तुम्हारा ये मख्खन जैसा बदन देख कर मेरा मख्खन खाने का मन कर गया। मेरी तो जान ही निकल गयी थी जी। मैंने जहाँ काटा था वहाँ पर एक चुम्बन ले लिया। अब मैं रीमा की गाँड चाटना चाहाता था इसलिये मैंने रीमा के चूतड खोले और उसकी गाँड चूमने लगा। |
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#109 |
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Hyper Poster
Join Date: Apr 2008
Posts: 1,705
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Continue the good work.
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#110 |
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Certified FSI Member
Join Date: Nov 2009
Location: under my son
Posts: 111
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nice
very nice story
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SON MY HUBBY |
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#111 |
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Certified FSI Member
Join Date: Jul 2007
Location: Bangalore
Posts: 274
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Thanks femaleworship and ratnamma. It is always good to get a reply from a women. enjoy the today's update
मैं उसकी टाँगो के बीच आकर बैठ गया और उसकी टाँगे खोल दी। फिर उसके चूतडो को अपने हाथो से अलग करके उसके गाँड के छेद को निहारा और फिर उसके गाँड पर एक चुम्बन ले लिया और अपनी जीभ निकाल कर उसकी गाँड पर फेरने लगा। मैं एक पालतू कुत्ते की भांति जीभ निकाल कर उसकी गाँड को चाट रहा था। उसकी गाँड की सौंधी महक और स्वाद मुझे बहुत ही ज्यादा उत्तेजित कर रहा था। अपनी लार जीभ से उसकी गाँड पर टपकायी और अपनी जीभ से लर उसके गाँड के छेद पर लसेड दी और फिर खुद अपनी जीभ से चाट ली। अपनी जीभ की नोक उसकी गाँड पर रगडने लगा जैसे उसकी गाँड खुजा रहा हूँ। अपनी जीभ उसकी गाँड के चारो और फिराने लगा। मेरी हरकतो से रीमा उत्तेजित होने लगी और उसके मुँह से आह ओह और हाय की आवांजे आने लगी। हाय रे मेरी प्यारे पति देव ये क्या कर रहे हो रीमा बोल पडी गाँड भी कोई चाटने की चीज होती है। मेरी सहेलियो ने तो बताया था कि सुहाग रात के दिन तो पति चूत के पीछे पडे रहते है। एक नादान सी औरत के रूप मे रीमा बोली जैसे उसे कुछ पता ही न हो।अरे मेरी जान गाँड ही तो चाटने की चीज होती है जितना मजा गाँड चाटने मे आता है ऐसा और कहाँ। और भरपूर मोटे लम्बे लंड वाले और चुदक्कड मर्द ही इस बात को जानते है और तुम तो बडी भाग्यशाली हो की तुम्को इतना मस्त पति मिला है। क्या तुम्को मजा नंही आ रहा गाँड चटवाने में मैंने भी रीमा को एक नयी नवेली दुल्हन की तरह समझाते हुये कहा। मजा तो बहुत आ रहा है जी बडा अच्छा लग रहा है जब आप मेरी गाँड मे जीभ फिरा रहे हो। मैं अपनी सहेलियो को बताऊंगी की असली मजा क्या है। और अपको उनकी चूत भी दिलवाउंगी। फिर मैंने उसके चूतडो को और चौडा करके उसकी गाँड मे अपनी जीभ घुसा दी। और अपनी जीभ से उसकी गाँड चोदने लगा। उसकी गाँड का स्वाद मुझे बहुत भा गया था और मुझे गाँड जीभ से चोदने मे बडा मजा आ रहा था। रीमा खुद अपनी गाँड हीला कर ज्यादा से ज्यादा जीभ अपनी गाँड मे लेने को आतूर थी और मैं भी जोर लगा कर अपनी जीभ उसकी गाँड मे घुसा कर उसकी गाँड चोद रहा था। ओह बहुत मजा आ रहा है मेरे पति देव और घुसाईये ना मेरे जानू पूरी जीभ मेरी गाँड मे घुसा दिजीये मेरे गाँडू मारीये मेरी गाँड अपनी जीभ से। मैं भी काफी देर तक उसकी गाँड जीभ से चोदता रहा और रीमा चूतड हिला हिला कर अपनी गाँड जीभ से मरवाती रही और मजे लेती रही। मैंने अपनी जीभ हटा कर अपनी उंगली उसकी गाँड पर रख कर दबाने लगा। रीमा ने अपनी गाँड ढीली छोड दी जिससे मेरी उंगली आसानी से उसकी गाँड मे चली गयी। रीमा की गर्म गाँड ने मेरी उंगली जकड ली पर मैंने भी धीरे धीरे जोर लगा कर पूरी उंगली रीमा की मे उतार दी। मैंने रीमा की गाँड अपनी उंगली से मारनी शुरु कर दी। मैं बहुत तेजी के साथ उसकी गाँड मारने लगा। रीमा भी अपने चूतड हिला हिला कर मेरी उंगली अपनी गाँड मे ले रही थी। उसको भी गाँड मरवाने मे मजा आ रहा था। और गाँड मरवाते वक्त वह जोर जोर से चिल्ला रही थी। फिर मैंने अपनी उंगली उसकी गाँड से निकाली और चाटने लगा। उसकी गाँड का स्वाद बहुत मजेदार था। उसकी गाँड का स्वाद तो मेरी जीभ पर बस गया था और मैं फिर से सीधा जीभ से ही गाँड का स्वाद लेना चाहाता था इसलिये मैंने फिर से अपनी जीभ रीमा के गाँड मे घुसा कर उसकी गाँड जीभ से मारनी शुरु कर दी। हाय रे ये क्या कर रहें हें आप बहुत अच्छा लग रही है आपकी जीभ मेरी गाँड मे। बहुत मजा आ रहा है। आह्ह ऐसे ही करीये न और जोर से मेरे राजा और जोर से। और जोर से मारीये मेरी गाँड अपनी जीभ से मेरी चूत तो पनीया गयी है आपकी हरकतो से मुझे तो पता नंही थी कि सुहाग रात में इतना मजा आता है नंही तो न जाने कितनो के साथ आज तक सुहाग रात मना चुकी होती। मैं जोर जोर से रीमा की गाँड जीभ से मारने लगा। रीमा भी अपने चूतड उछाल कर मेरी जीभ को ज्यादा से ज्यादा अपनी गाँड मे लेने के कोशिश कर रही थी। मैंने रीमा की गाँड जीभ से मार मार कर अपने थूक और लार से गीली कर दी। मैने थोडी देर रीमा की गाँड जीभ से मारी और फिर मैंने रीमा की गाँड का एक चुम्बन ले लिया। और फिर मैंने अपना रुख रीमा की जाँघो पर किया और उसकी जाँघो का चुम्बन लिया। थोडी देर उसकी जाँघो को कस के मसलने के बाद मैंने रीमा को सीधा होने को कहा और रीमा को चित लिटा दिया और फिर से उसके उपर चढ गया। उसकी चूचीयो को फिर से चूमने लगा। मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर रखा और उसे अपनी उंगली से रगडने लगा। मैंने उसके एक जाँघ पर अपनी जाँघ रख रखी थी और उसकी जाँघ पर रगड रहा था। और मेरे मुँह मे उसकी एक घुंडी थी जिसे मैं चूस रहा था। जैसे बच्चा दूध पीने के लिये चूसता है बिल्कुल वैसे ही उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी। उसकी चूत पर हाथ रखते ही मेरी उंगलियाँ गीली हो गयी। मैंने अपनी गीली उंगली उसकी चूत की दरार पर रखी और मेरी उंगली आसानी से उसकी चूत मे चली गयी। उसकी चूत बहुत ही गर्म हो रही थी। और बहुत रस बह रही थी। मेरी उंगली आधी उसकी गर्म चूत मे घुस चुकी थी। और मैं उसके गोल गोल घुमा रहा था। और उसकी चूत की दीवारो से अपनी उंगली को गीला कर रहा था। फिर मैंने थोडा सा और दम लगा कर मैंने अपनी पूरी उंगली उसकी चूत मे घुसा दी। रीमा के मुँह से करहा निकल गयी। मैंने उसकी एक घुंडी अपने मुँह मे लेकर चूस रहा था। फिर मैंने रीमा की चूत अपनी उंगली से चोदनी शुरु कर दी। धीरे धीरे मैं अपनी उगली उसकी चूत मे डालता फिर बाहर निकाल लेता। मेरी उंगली आसानी से रीमा की गीली चूत मे अंदर बाहर हो रही थी। मैंने अपना अंगूठा रीमा के चूत के दाने पर रख कर सहला रहा था। उसको सहलाते हुये मैंने जोर जोर से उसकी चूत अपनी उंगली से मारनी शुरु कर दी। रीमा खुद अपने चूतड हिला कर मेरी उंगली को ज्यादा से ज्यादा अंदर लेना चाह रही थी। उसके चूतड मस्त गोल गोल घूम रहे थे। और वह अपनी चूत के दाने को मेरे अंगूठे पर दबाने के कोशिश कर रही थी जिससे वह मजा ले सके। ओह मेरे मादरचोद पति मजा आ गया और करो ऐसे ही ऐसे ही रगडो मेरी चूत के दाने को चोदो मेरी चूत बहुत मजा अ रहा है क्या मस्त चूस रहे हो तुम मेरी चूची पूरा बदन मस्ती मैं झनझना रहा है मेरा मेरे जानू अपनी चूची और मेरे मुँह मे घुसेडती हुयी रीमा ने कहा। जिससे चूची का घुंडी के साथ और भी भाग मेरे मुँह मे घुस गया जिसे मैं और भी जोर जोर से चूसने लगा। |
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#112 |
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Hyper Poster
Join Date: Apr 2008
Posts: 1,705
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Good update, gaand chatna bahut achcha likha hai, ek paad ka swaad bhi le lo.
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#113 |
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Certified FSI Member
Join Date: Jul 2007
Location: Bangalore
Posts: 274
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thanks for your reply femaleworship enjoy the today's update
फिर मैंने अपनी दूसरी उंगली भी उसकी चूत मे घुसा दी। और उसे दो उंगलियो से उसकी चूत चोदने लगा। रीमा अब जोर जोर से चिल्लाने लगी हाय रे आप ने तो मुझे मार ही डाला बहुत मजा आ रहा है आपके हाथो से और करो न उंगली। गाँडू पति साले दो उंगली घुसा दी मेरी चूत में मजा दे भोसडचोद चोद जोर से घुसा दे पूरा हाथ मेरी चूत मे बहनचोद। मैं जोर जोर से उसकी चूत मे उंगली करने लगा। मेरी उंगलियाँ रीमा के चूत रस से भींग गयी। मैंने अपनी उगलियाँ उसकी चूत से निकाली और उसकी घुंडी पर उसके चूत का रस मलने लगा। उंगलियो मे लगा रस उसकी घुंडी पर लगा कर बाकी का बचा रस मैंने उसकी दूसरी चूची पर लगा कर अपनी उंगलियाँ साफ कर दी जैसे उसकी चूची कोई टिशू पेपर हो और मैं अपने गीले हाथ उससे साफ कर रहा हूँ। फिर मैं रीमा की चूची जो मैंने अभी उसके चूत रस से गीली करी थी उस चूची की तरफ आकर लेट गया। जो चूची मैं चूस रहा था उसकी घुंडी और आस पास का हिस्सा मेरे चूसे जाने के कारण लाल हो गया था जिसे देख चूत रस से गीली चूची को चाटने की मेरी इच्छा और बढ गयी और अपनी जीभ निकाल कर उसकी चूची पर लगा रस चाट कर पीने लगा। और अपने दूसरे हाथ की उंगली उसकी चूत मे घुसा दी। और दूसरे हाथ से उसकी चूत चोदने लगा। रीमा के गर्म चूची चाटने मे मुझे बहुत मजा आ रहा था क्योकी उसकी चूची पर चूत रस जो लगा हुआ था। अब मैं उसकी चूची पर लगा रस चाट कर पी चूका था पर घुंडी पर अभी भी रस लगा हुआ था। मैंने उसकी घुंडी को अपने मुँह मे भर लिया और उसकी चूत को दो उंगलियो से चोदने हुये उसकी घुंडी चूसने का मजा लेने लगा। मैं अपनी उंगली घुमा घुमा कर उसकी चूत चोद रहा था। उसकी चूची को मुँह मे भरकर जोर जोर से चूसने लगा जैसे बच्चा अपनी माँ का दूध पीता है। मैंने अपना अंगूठा रीमा के चूत के दाने पर रगड रहा था और उसको और गर्म कर रहा था। उसकी घुंडी को अपने होंठो मे पकड कर अपनी जीभ उसकी घुंडी के चारो और घुमाता तो कभी जोर जोर से चूसने लगता। तो कभी उसकी घुंडी पर सिर्फ अपनी जीभ बाहर निकाल कर जोर जोर से रगडता। मेरा हर प्रयास रीमा के बदन का मजा लेना और उसका मजा देने का था। रीमा भी मस्ती मे गर्म होकर गालियाँ बक रही थी। माँ के लौडे बहनचोद क्या कर दिया तूने मेरे पूरी बदन मैं आग लग गयी है जोर जोर से चोद मेरी चूत झडा मुझे ओह्ह आह्ह्ह खा जा मेरी चूची काट ले मेरी घुंडियो को अपने प्यार के निशान बना दे मेरी चूचीयो पर कुतिया की औलाद चोद रे मरी रे मैं तो। रीमा ने शरीर पर गहने पहन रखे थे। उसकी चूडीयाँ मस्ती मे खनक रही थी। और उसकी पायल भी बज रही थी। जैसे वह अपने पिया को बुला रही हो। आओ मेरे राजा मेरी सरताज मेरे भरपूर नंगे नशीले बदन के मालिक मेरी चूत के रखवाले आओ भोगो अपनी इस पत्नी को। मैंने अपना ये गहनो से लदा बदन बिस्तर पर आपके लिये ही परोसा है आओ और मसल डालो मेरी इस सुंदरता को रौंद दो मुझे अपने नीचे। मैं तो जैसे मस्ती मै पागल हो चुका था पर रीमा थी भी बहुत सुंदर कई जन्म भी उस्के बदन कि सुंदरता को भोगने के लिये काफी नंही थे और मेरे पास तो एक ही जन्म था। फिर मैंने चूची एक बडा भाग मुँह मे भर लिया और चूसने लगा। उसकी भरपूर गुदाज चूचीयाँ चूसने मे मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने उसकी चूची चाट कर उसकी चूत का सारा रस पी लिया और उसकी चूची को चाट कर अपने थूक से गीला कर दिया। अब मेरे दूसरे हाथ की ऊंगलियाँ भी उसके चूत के रस मे भीग गयी थी। मैंने उसकी चूत के रस से भरी उंगलियाँ निकाली और उसकी दूसरी चूची पर रस लगा दिया। उसकी दूसरी चूची उसके चूत रस से गीली हो गयी। अब मैं उसकी दूसरी चूची पर लगा रस भी पीना चाहाता था। फिर मैंने अपने दोनो हाथ उसके अर्ध नग्न बदन के दोनो और रखे और अपने हाथो के सहारे उसके बदन के उपर झुक गया और अपना मुँह उसकी दूसरी चूची पर लगा दिया। ऐसा करने से मेरा लंड रीमा की चूत के उपर झूलने लगा और उसकी झाँट, पेन्टी और चूत से टकराने लगा। मैंने रीमा की चूची को जीभ से चाटने लगा और उसकी चूची पर लगा रस पीने लगा। हाय रे पति देव ये क्या कर दिया अपना लंड मेरी चूत पर रगड रहे हो मेरी चूत मे कुछ कुछ होता है जानू और तुम्हारा ये लंड तो देखो अपने पानी से मेरी पेंटी गीली कर रहा है ओह आप ने तो मेरी चूत और चूची दोनो पर एक साथ ही वार किया है मजा आ गया और चूसीये इन चूचीयो को बहुत मस्ती चढती है आपकी बेटा चोद पत्नी को चूची चुसवाने मे। फिर रीमा ने अपने हाथ मेरी कमर पर रखे और मेरे चूतडो पर अपने हाथ प्यार से फिराने लगी। मुझे उसके कोमल मुलायम हाथ अपने चूतडो पर बहुत अच्छे लग रहे थे। मेरे चूतड भी मेरी निप्पल्स की तरह बडे संवेदनशील थे। इसलिये उसका इसतरह प्यार से हाथ फिराना मुझे और उत्तेजित कर रहा था। अपनी जीभ रीमा के चूची पर जोर जोर से फिर रहा था। अपनी जीभ की नोक उसकी चूची मे गडा कर जोर जोर से रगडता तो कभी प्यार से उसकी चूची को चाटता। मेरा लंड जब भी रीमा के पेट या पेन्टी से टकराता तो एक सिरहन होती मेरे बदन में। मन करता कि घुसा दूं अपना लंड रीमा की चूत में पर रीमा ने कहा था चूत नंही मारने देगी आज बस यही सोच कर अपने आप को रोक लेता था पर मेरा लंड धीरे धीरे मेरे नियंत्रण से दूर हो रहा था पता नंही कब मैं उसके बदन पर टूट पडने वाला था। |
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#114 |
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Good work, waiting for next kinky happening...
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#115 |
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femaleworship thanks for your reply. enjoy the today's update
मैं ज्यादा देर तक अपने हाथो पर खडा न रह सका और अपना भार रीमा के शरीर पर डाल दिया। मेरा लंड रीमा की जाँघो के बीच घुस गया। रीमा ने मेरी कमर को अपनी बाँहो मे जकड लिया। मैंने रीमा की चूची चाट कर साफ कर दी थी बस अब उसकी घुडी साफ करने को बची थी। मैंने रीमा के घुंडी अपने मुँह मे भर ली और चूसने लगा। रीमा ने अपनी जाँघे कस के बंद कर ली जिससे मेरा पहले से तडपता लंड उसकी उसकी गोरी गुदाज जाँघो मे कैद हो गया। लो जी कैद कर लिया मैंने आपके लंड राज को बडा परेशान कर रहा था मुझे इतनी देर से अब देखती हूँ की ये मेरी कैसे नंही सुनता मेरी चूत की रगड के इसने हालत खराब कर दी अब मैं अपनी कैद में इस मोटे लंड की खबर लूंगी। रीमा कस कर अपनी जाँघे आपस मे रगड रही थी। और मेरे लंड को मसलने की कोशिश कर रही थी जैसे उसकी जाँघे चूत हो और मेरा लंड उस चूत के कैद मे हो। मैंने काफी बडा भाग उसकी चूची का मुँह मे भर कर चूसने लगा। रीमा अभी भी अपने प्यारे हाथ मेरे चूतडो पर फिरा रही थी और कभी कभी मेरे चूतड अपने हाथो से मसल भी देती थी। रीमा ने मेरा लंड जोर से अपनी जाँघो मे जकड रखा था। मैंने अपने चूतड धीरे से आगे पीछे चलाने शुरु कर दिये। जैसे मे उसकी चूत मार रहा हूँ। उसने भी अपनी टाँगे सिकोड कर अपनी जाँघो से चूत जैसा बना दिया और मैं उसकी चूची पीते हुये उसकी जाँघे चोदने लगा। उसकी जाँघे उसकी चूत से बहते रस के कारण गीली और चिकनी हो गयी थी। जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी जाँघो मे आसानी से फिसल रहा था। उसकी चूची से काफी देर तक चाट कर उसकी चूत का सारा रस मैंने पी लिया। अब रीमा की दोनो चूची मेरे थूक से सन चूकी थी और रोशनी मे चमक रही थी। पार्ट २४ अब मुझसे कुछ भी बर्दाश्त नही हो रहा मेरे पति देव कुछ करो मेरी मस्ती झडा दे मेरे मादरचोद पति। मेरा पानी गिरा दो मेरा पूरा बदन जल रहा है चूत की गर्मी से मेरी जान झडा दो मुझे मेरे पति कुछ करो न जी। अभी करता हूँ मेरी जान अभी तुम्हारी मस्ती झडाता हूँ तुम चिंता मत करो। अभी तुम्हारी चूत चाट कर तुम्हारी चूत का सारा रस मैं पी जाउँगा मेरी रानी। अपनी जीभ को तुम्हारी चूत के अंदर घुसा कर उसे अपनी जीभ से चोदूंग और तुम्हारे चूत के दाने को जीभ से रगड रगड कर तुम्को झडा कर मजा दूंगा तो मादरचोद फिर दे न ये बक बक क्या कर रहा है तंग कर रखा है इतनी देर से मेरी चूत को मेरी सहेलियाँ तो कहती थी सुहाग रात मे बहुत मजा आता है पर तू तो सिर्फ तडपा रहा है इतनी देर से मुझे बहनचोद। लो रानी अभी लो कह कर मैं रीमा के उपर से उतर कर बिस्तर पर लेट गया। मैंने अपने सर के नीचे तकिया लगा लिया। आ मेरी रानी अब मेरे मुँह पर रख कर अपनी चूत चटवाओ और मजा लो साथ ही साथ मेरा लंड चाट कर लंड का मजा लो मेरी रानी। सुहाग रात मै जैसे मर्द औरत की चूत चाट कर उसे मर्द के लंड के धक्के झेलने के लिये तैयार करता है उसी तरह ये पत्नी का भी फर्ज है कि वह पति के लंड को चूस कर उसे अपनी चूत की रगडायी के लिये तैयार करे। ओह मेरे राजा क्या अच्छा ख्याल है मजे लेने का। हाँ माँ अब हम दोनो मिल कर ६९ का मजा लेंगे आ जाओ माँ अब मैं भी तुम्हारी चूत का रस पीने के लिये तडप रहा हूँ मैं तुम्हारी चूत का अमृत पीना चाहाता हूँ। रीमा उठ कर मेरे शरीर के बगल मे खडी हो गयी। उसकी चूची मेरे थूक से सनी हुयी थी और लाईट मे चमक रही थी। सारे गहने ब्रा पेंटी उसको और सुन्दर बना रहे थे। रीमा ने मेरे बदन के दोनो और अपने पैर रखे और मेरी और चूतड कर के खडी हो गयी। फिर उसने झुक कर अपने दोनो घुटने मेरे कंधे के दोनो और जमा कर अपनी बालो वाली चूत को मेरे चहरे के सामने कर दिया। और आगे मेरे लंड पर झुक गयी। मेरा लंड रीमा के चहरे के पास था मैं अपने लंड पर उसकी गर्म सांसे महसूस कर रहा था। और रीमा के खुली चूत मेरे सामने थी। रीमा ने अपनी टाँगे फैला कर अपनी चूत ठीक मेरे सामने कर दी। उसकी नंगी चूत देख कर मैं तो मचल पडा और उसके चूतडो पर अपने हाथ रख कर उसकी चूत का एक चुम्बन ले लिया। रीमा ने भी अपने होंठो से मेरे लंड का एक चुम्बन ले लिया। मैंने अपनी जीभ निकाली और रीमा के चूत के उपर चलाने लगा। अपनी जीभ मे थूक भरता और उसकी चूत पर लगा देता। और फिर चाट कर उसके अपना थूक पी जाता। रीमा भी मेरे लंड को प्यार करने मे लगी थी। उसने मेरे लंड को हाथ मे नंही पकडा था बस अपने होंठो से मेरे लंड का चुम्बन ले रही थी। मेरा लंड उसके होठो को छू कर और भी गुस्से मे आ गया था। मैंने रीमा के चूतडो पर जोर लगा कर उसकी चूत को और अपने मुँह के पास कर लिया अब उसकी गाँड का गुलाबी छेद भी मेरे सामने था। मैंने अपनी जीभ कडी करके रीमा की चूत की दरार पर चलाने लगा। रीमा की चूत पहले से ही गीली थी जिससे मेरी जीभ रीमा की चूत के अंदर चली गयी। मैं उसकी चूत मे धीरे धीरे अपनी जीभ चला रहा था। रीमा ने मेरे लंड का सुपडा अपने होंठो के बीच पकड लिया और अपनी जीभ मेरे लंड के टोपे पर चलाने लगी। मेरे लंड के टोपे को वह अपने थूक से गीला कर रही थी। अपनी जीभ मेरे लंड के सुपाडे के चारो और चलाती तो कभी अपनी जीभ कडी कर के मेरे मूत्र के छिद्र मे घुसा देती। मूत्र छिद्र मे जीभ जाने से मुझे बडा मजा आता। |
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#116 |
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Hyper Poster
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Good work, continue - the domination part has reduced.
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#117 |
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Hyper Poster
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hot incest, nice
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#118 |
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Hyper Poster
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n continue plz
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#119 |
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Certified FSI Member
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thanks femaleworship and asimkkk for your reply. Ya domination part is less in that but from next part it will be pure domination story.
enjoy the today's update फिर मैंने अपने हाथ से रीमा की चूत खोली और उसके अंदर का लाल हिस्सा दिखायी देने लगा। अपनी जीभ रीमा की चूत के अंदर डाल कर मैं घुमाने लगा। रीमा की चूत चाटने मे मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर मैंने रीमा के चूत के एक फाँक मुँह मे पकड ली और जोर जोर से चूसने लगा। मीठे पके आम जैसी रसीली थी रीमा के चूत। और मैं उसको चूस कर मजा ले रहा था। रीमा मेरे लंड को पूरी मस्ती के साथ चूस रही थी। मेरे लंड के सुपाडे पर अपना थूक लगाती फिर जीभ निकाल कर अपनी जीभ की नोक से थूक को चाटती। जीभ की नोक लगने से मेरा लंड मचल उठता। मेरे मुँह से मस्ती मे आवाज निकलती पर क्योकी मेरा मुँह रीमा की चूत पर लगा हुया था इसलिये सिर्फ गो गो कि आवाज निकल कर रह जाती। मैंने रीमा के दूसरी फाँक को मुँह मे लिया और चूसने लगा। रीमा भी मेरा लंड चूसते हुये ओह ओह आह की आवाजे निकाल रही थी। ओह बहुत अच्छा चूसता है रे तू मेरे लाल चूस और चूस मेरी चूत तेरे लंड का सुपाडा तो देख कैसे फूल गया है लगता है बहुत माल जमा है तेरे लंड मे मेरे लिये। कह कर रीमा ने फिर से मेरा लंड अपने मुँह मे भर कर जोर जोर से चूसना शुरु कर दिया कुछ ही घंटो मे मैं रीमा की चूत का दिवाना हो गया था। और उसकी पूरा मजा देकर खुश करना चाहाता था। रीमा के चूत गीली करके मैं रीमा के चूत के दाने को चूमा। चूत के दाने को चूमते ही रीमा सिहर उठी। रीमा की चूत का दाना बहुत ही संवेदन शील था और मेरे चूमते ही इसका असर उसके पूरे बदन पर हुआ। फिर मैंने उसके चूत का दाना होंठो मे पकड कर जोर जोर से चूसने लगा। रीम मचल उठी और जोर जोर से अपने चूत मेरे मुँह पर दबाने लगी । रीमा ने मेरा लंड अपने हाथ मे पकडा और मुठ्ठ मारने लगी।चूस मादरचोद चूस मेरे चूत के दाने को चूस ले निकाल दे मेरा रस मेरी चूत से मेरे राजा मेरे रसीया मेरी जान बहुत मजा आ रहा है मुझे देख साले गाँडू तेरे लंड भी मस्ता गया है। वह अपने चूतड गोल गोल घुमा रही थी। मैंने उसके अपनी जीभ उसके चूत के दाने पर रख दिया और रगडने लगा। रीमा को बहुत मजा आ रहा था और जोश मे आकर रीमा ने मेरा लंड पूरा अपने मुँह मे घुसा लिया। मेरा सुपाडा रीमा के गले मे उतर गया। मैं भी मचल उठा और अपने चूतड को उछाल कर जोर से उसके मुँह मे धक्का मारा। मेरा लंड और उसके गले मे उतर गया। रीमा ने मेरा पूरा लंड गले मे रहने दिया और अपने गले से मेरे लंड को दबाने लगी। मुझे भी बहुत मजा आने लगा। रीमा अपने गले का इस्तमाल बहुत अच्छे ढंग से मेरे लंड पर कर रही थी। मैं अपना लंड इतनी जोर से चूसे जाने से मचल उठा और रीमा के चूत के दाने को जोर जोर से चाटने लगा। कभी तेजी से उस पर अपनी जीभ चलाता तो कभी चूसने लगता। रीमा के चूत पूरी गीली हो चुकी थी। मेरी नाक रीमा के चूत के सामने थी उसकी चूत से रिस कर चूत रस मेरी नाक पर गिरकर उसको भी गीला कर रहा था। मेरी नाक के नोक उसकी चूत पर रगड रही थी। फिर जोश मे आकर रीमा ने अपनी चूत मेरे चहरे पर दबायी मेरी नाक गीली होने से पूरी नाक उसके चूत मे घुस गयी। नाक चूत मे घुसते ही रीमा सिहर उठी और उसको अच्छा भी लगा। रीमा अपने चूतड कस के मेरे चहरे पर दबा कर गोल गोल घुमाने लगी। जिससे उसकी चूत मेरे नाक से चुदने लगी। रीमा ने मेरा लंड अपने मुँह से निकाला और फिर से जीभ से चाटने लगी। अपनी जीभ से मेरे लंड को उपर से नीचे तक ले जाकर मेरे लंड को चाटती और लंड को थूक से गीला करके फिर से मुँह मे भर कर गले तक उतार लेती और अपने गले के दबाव से मेरे लंड को तडपाती। रीम कभी चूतड घुमा कर तो कभी उछाल कर मेरी नाक से चुद रही थी। मैंने अपना मुँह खोल कर साँस ले रहा था। बीच मे अपनी जीभ निकाल कर उसकी चूत का दाना भी कभी कभी चाट लेता। रीमा की काफी देर तक मेरे लंड को चाटते हुये मेरी नाक से अपनी चूत चुदवाती रही। फिर मैंने उसके चूतड पकड कर अपनी जीभ रीमा की चूत मे घुसेड दी और अपनी जीभ से रीमा के चूत चोदने लगा और साथ ही साथ उसकी चूत का रस भी पीता जा रहा था। रीमा अब झडने को आ गयी थी और गालियाँ बकते हुये मुझे उकसा रही थी की मैं उसको और जोर जोर से उसकी चूत चाटूँ। हाय मेरे लाल मादर चोद साले चूस ले मेरा रस मेरा बस अब टपकने ही वाला है हाँ ऐसे ही मेरे लाडले पी जा अपने औरत का पानी हाय बस अब आने ही वाला है। उसकी बांते सुनकर मैंने रीमा की चूत का दाना कस के अपने होंठो मे पकडा और धीरे से काट लिया। इसमार को रीमा सह ना सकी उसका पूरा बदन कडा हो गया और वह झडने लगी। उसने अपने चूतड कस कर मेरे चहरे पर दबा दिये। मेरा चहेरा उसकी चूत के नीचे दब गया। रीमा काफी देर तक झडती रही और उसकी चूत से रस निकल कर मेरे मुँह मे बहता रहा। फिर धीरे धीरे उसका बदन ठीला पड गया। बहुत जोर से झडी थी रीमा। झडते वक्त उसने मेरी जाँघे कस के पकड ली थी। |
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#120 |
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Hyper Poster
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jab naak se chodha, kaisa laga, yeh to reema aur hamein batao.
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